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Tuesday, November 3, 2009

tum aur main

ना तुम कुछ बोलो ... ना हम कुछ सुने ..
इसका मतलब तो ये नहीं की बात पूरी नहीं है .

कभी समझने के लिए इतना वक़्त नहीं चाहिए,
ये दिल की बात है , तुम गुनगुनाओ मैं गाऊंगा
तेरे अन्दर अगर दुनिया देखी है मैंने अपनी ,
तुम जगह न दोगे तो राह में भी सो जाऊँगा ..

तेरी हर बात पूरी करने को अल्फाज़ मेरे पास है ,
बस तुम सोचते जाना , मैं दिल में लिखता जाऊँगा ...
मैं तुम्हारी ज़िन्दगी का सच हूँ मेरे दोस्त ,
इसे ज्यादा मत उलझाना , मैं गुम हो जाऊँगा

1 comment:

MANOJ KUMAR said...

शानदार और मनमोहक।